Shekhar Upreti

40 Flips | 5 Magazines | @shekharupreti52 | Keep up with Shekhar Upreti on Flipboard, a place to see the stories, photos, and updates that matter to you. Flipboard creates a personalized magazine full of everything, from world news to life’s great moments. Download Flipboard for free and search for “Shekhar Upreti”

Dr. Kumar Vishwas

Dr. Kumar Vishwas

Dr. Kumar Vishwas

Dr. Kumar Vishwas

Dr. Kumar Vishwas

पीले पन्ने - ५ यह गीत उस समय लिखा गया, जब कैरियर आधे इंजीनियर और आधे हिंदी स्नातक के बीच फंसा हुआ था, ज्ञान अखबार के सच और उपन्यास के झूठ के बीच लटका हुआ था और साहित्य प्रेमचंद, अल्बेयर कामू, कीट्स, वर्ड्सवर्थ और टैगोर के बीच कुलांचे भर रहा था। छंद-लय की त्रुटियों के बावजूद किसी गुरु ने इस गीत में बदलाव का सुझाव नहीं दिया क्योंकि भावावेग में जो कुछ निकला था, उसे गीत की संज्ञा प्राप्त हुई हो या न हुई हो, स्वीकृति ज़रूर मिली।ये शुरूआती गीत इतना लोकप्रिय था कि हिंदी के अनेक मंचीय कवियों ने इस गीत पर "प्रति-गीत" यानि पैरोड़ियाँ भी लिखीं ओ कल्पवृक्ष की सोनजुही ओ अमलतास की अमरकली धरती के आतप से जलते मन पर छाई निर्मल बदली मैं तुमको मधुसदगन्ध युक्त संसार नहीं दे पाउँगा तुम मुझको करना माफ तुम्हें मैं प्यार नहीं दे पाउँगा......! तुम कल्पवृक्ष का फूल और मैं धरती का अदना गायक तुम जीवन के उपभोग योग्य मैं नहीं स्वयं अपने लायक तुम नहीं अधुरी गजल शुभे तुम शाम गान सी पावन हो हिम शिखरों पर सहसा कौंधी बि जली सी तुम मनभावन हो इसलिये व्यर्थ शब्दों वाला व्यापार नहीं दे पाउँगा तुम मुझको करना माफ तुम्हें मैं प्यार नहीं दे पाउँगा......! तुम जिस शयया पर शयन करो वह क्षीर सिन्धु सी पावन हो जिस आंगन की हो मौलश्री वह आंगन क्या वृन्दावन हो जिन अधरों का चुम्बन पाओ वे अधर नहीं गंगातट हों जिसकी छाया बन साथ रहो वह व्यक्ति नहीं वंशीवट हो पर मैं वट जैसा सघन छॉंह विस्तार नहीं दे पाउँगा , तुम मुझको करना माफ तुम्हें मैं प्यार नहीं दे पाउँगा......! में तुमको चॉद सितारों का सौंपू उपहार भला कैसे मैं यायावर बंजारा साधू दूं सुर श्रंगार भला कैसे मैं जीवन के प्रश्नों से नाता तोड़ तुम्हारे साथ शुभे बारूद बिछी धरती पर कर लूं दो पल प्यार भला कैसे इसलिये विवश हर आंसू को सत्कार नहीं दे पाउँगा तुम मुझको करना माफ तुम्हें मैं प्यार नहीं दे पाउँगा......!

'Koi Deewana Kehta Hai-miles brought closer'

Lag ja Gale By Sunidhi Chauhan originally sang by Lata Mangeshkar

Aam Aadmi Anthem

Koi Deewana Kehta Hai...Singing Sardar

Koi deewana Kehta Hai & Beyond [4 of 5]

Log In or Sign Up to View

This Facebook post is no longer available. It may have been removed or the privacy settings of the post may have changed.

Nannu Naresh Verma

Ravi Khanna

I Love My Wife

सुविचार

[पीले पन्ने :कुछ कहे-अनकहे गीत, जो पिछले तीन दशकों से मेरी पुरानी डायरियों के पीले पड़ते पन्नों में दबे थे, आपसे साझा करने का मन था। इन्हें मेरे काव्य यात्रा की 'rough-copy' मानिये। इस संकलन में मेरे शुरूआती दिनों से ले कर अब तक की कविताएँ हैं, इसलिए सीखने के क्रम में आई त्रुटियाँ इस संकलन का हिस्सा होना स्वाभाविक हैं। पुराने गीतों की इस नई श्रृंखला से जुड़े रहिये। आभार। *******(पीले पन्ने-1)******** "हमें दिल में बसा कर अपने घर जाएँ तो अच्छा हो, हमारी बात सुन लें और ठहर जाएँ तो अच्छा हो ये सारी शाम जब नज़रों ही नज़रों में बिता दी है तो कुछ पल और आँखों में गुज़र जाए तो अच्छा हो" "Humein dil me basa kar apne ghar jaein to achchha ho Humari baat sun lein aur theher jaein to achchha ho ye saari shaam jab nazron hi nazron me bita di hai to kuchh pal aur aur aankhon me guzar jaaye to acchha ho"

Medical Cases

"महफ़िल-महफ़िल मुस्काना तो पड़ता है, खुद ही खुद को समझाना तो पड़ता है, उसकी आँखों से हो कर दिल तक जाना, रस्ते में ये मयखाना तो पड़ता है...!!!" "Mehfil Mehfil Muskaana to padta hai, Khud hi khud ko samjhaana to padta hai, uski aankhon se ho kar dil tak jaana, raste me ye maikhaana to padta hai...!!!"

GyanSarovar ज्ञानसरोवर

जिस क्षण मानसिक रूप से कोई सकारात्मक संकल्प हो जाये तो उसी क्षण उसे पूरा करने के प्रयास में लग जाओ |<br>क्योंकि मन कभी भी स्थिर नही रहता है, मन में कभी …

Pic quiz: Describe this pic. First 3 right answers get autographed copy of my book. Your time starts now.:) http://t.co/BwcQZXEA8h

Uttarakhand Fans