Kunwar Raghavendra Singh

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भारत के लिए कितने सामयिक कार्ल मार्क्स

कार्ल मार्क्स का जीवन और काम भारत के इतिहास के एक महत्वपूर्ण समय के साथ जुड़ा हुआ है. कुलदीप कुमार का कहना है कि मार्क्स की भारत में भी दिलचस्पी थी …

धरोहरों को ऐसे संभाला जाता है

भारत में प्राचीन स्मारकों और धरोहरों की रक्षा का काम भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण एएसआई करता है. ताजमहल की सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एएसआई की …

नए किस्म की लड़ाई है हाइब्रिड वॉर

पोलैंड ने "हाइब्रिड वॉर नेटवर्क" के आरोप में एक रूसी महिला को गिरफ्तार किया है. क्या है हाइब्रिड वॉर नेटवर्क और कैसे लड़ा जाता है ये हाइब्रिड …

जापान की डिजिटल एक्सचेंज कॉइनचेक से करोड़ों डॉ़लर की डिजिटल करेंसी चोरी

जापान की डिजिटल करेंसी एक्सचेंज कॉइनचेक का कहना है कि उसने एक हैकिंग हमले में 53.4 करोड़ डॉलर क़ीमत की वर्चुअल मुद्रा गंवा दी है.<p>कॉइनचेक जोपान की सबसे बड़ी डिजिटल करेंसी एक्सचेंज में से एक है और अब उसने बिटकॉइन के अलावा तमाम तरह की क्रिप्टोकरेंसी में लेन-देन बंद कर दिया है.<p>कंपनी एनईएम नाम की …

सूफ़ी भी होते हैं पक्के मुसलमान

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा<p>'सूफ़ीवाद' या 'तसव्वुफ़' एक तरह का इस्लामिक रहस्यवाद है. हालांकि ग़ैर-मुस्लिम समाज के लोग इसे इस्लाम का ही एक पंथ या धारा मानने की ग़लती कर बैठते हैं.<p>'सूफ़ीवाद' इस्लाम का एक पहलू है. सूफ़ीपंथी शिया और सुन्नी दोनो फ़िरक़ों या इस्लाम मज़हब के मानने वाले दूसरे …

ब्लॉग- 'ख़बर बड़ी और बुरी हो, मज़ा पकाने का तभी'

मीडिया वो जिन्न है जिसे रोज़ पेट भरने के लिए किसी ताज़ा ख़बर का भोजन चाहिए. इससे फर्क नहीं पड़ता कि ख़बर अच्छी है या बुरी. बस बड़ी होनी चाहिए ताकि उसे ज़रूरी मसाले लगाकर पाचक बनाया जा सके.<p>इस ख़बर के पर्चो से सुबह से शाम तक तरह-तरह की स्वादिष्ट डिशे बनाई और बेची जा सकें.<p>पत्रकारों-पत्रकारनियों, …

हमें बुद्ध बनना चाहिए या बौद्ध?

अपनी-अपनी विचारधारा के मुताबिक गौतम बुद्ध को एक राजनीतिक कार्यकर्ता की तरह पेश करने वाले लोगों को उनका जीवन और दर्शन फिर से समझने की जरूरत है<p>आज वैशाख …

हिंदू भारत के बीमार लोग हैंः आंबेडकर

संयुक्त राष्ट्र में पहली बार भारतीय संविधान के रचयिता बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती मनाई गई है.<p>यह उनके जन्म के 125 साल पूरे होने, यानी 14 अप्रैल के एक दिन पहले मनाई गई है.<p>इसमें लगातार विकास लक्ष्यों को हासिल करने के लिए असमानताओं से लड़ने पर ध्यान देने की बात कही गई है.<p>दलित अधिकारों के लिए लड़ने वाले …

यह कैसा धर्मनिरपेक्ष भारत है?

इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ़ पब्लिक एडमिनेस्ट्रेशन, दिल्ली की महाराष्ट्र शाखा ने पूर्व केंद्रीय गृहसचिव डॉ. माधव गोडबोले को साल 2015-16 के बीजी देशमुख मेमोरियल लेक्चर देने बुलाया.<p>गोडबोले से कहा गया कि वे अपनी पसंद के विषय पर बोल सकते हैं. लेक्चर 4 अप्रैल को होना था. गोडबोले से उनका भाषण पहले भेजने को कहा …

खुजली दिमागी बीमारी है?

अक्सर आप लोगों को खुजलाते देखते होंगे. ख़ुद भी दिन में कई बार ऐसा करते होंगे. कभी आपने सोचा कि आख़िर खुजली क्यों होती है? क्यों अपनी ही देह पर खरोंचने का मन होता है?<p>इन सवालों के जवाब ढूंढें, उससे पहले आपको एक अमरीकी वैज्ञानिक जेआर ट्रेवर का क़िस्सा सुनाते हैं. अपने 40वें जन्मदिन पर ट्रेवर को अपने …

आधार कार्ड में ऑनलाइन आप कर सकते हैं ये 6 चेंज, जानिए क्‍या है प्रॉसेस

<b>नई दि‍ल्ली।</b> आप अपने आधार कार्ड में हुई गलतियों में सुधार ऑनलाइन कर सकते हैं। इसके लिए आपको आधार की ऑफिशियल वेबसाइट https://uidai.gov.in पर जाना होगा। …

कैसे बीता था महात्मा गांधी का आख़िरी दिन?

शुक्रवार 30 जनवरी 1948 की शुरुआत एक आम दिन की तरह हुई. हमेशा की तरह महात्मा गांधी तड़के साढ़े तीन बजे उठे.<p>प्रार्थना की, दो घंटे अपनी डेस्क पर कांग्रेस की नई ज़िम्मेदारियों के मसौदे पर काम किया और इससे पहले कि दूसरे लोग उठ पाते, छह बजे फिर सोने चले गए.<p>काम करने के दौरान वह अपनी सहयोगियों आभा और मनु …

महात्मा गांधी की वो अंतिम यात्रा

30 जनवरी, 1948 को भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.<p>पूरा भारत इस ख़बर को सुनकर अवाक रह गया था.<p>अगले दिन उनकी शव यात्रा में समाज के हर वर्ग के करीब दस लाख लोगों ने भाग लिया था.<p>विवेचना में रेहान फ़ज़ल याद कर रहे हैं महात्मा गाँधी की उस शव यात्रा को.

संघ की चुनौती बेक़ाबू होते सहयोगी संगठन

वर्ष 2003 में भाजपा नेता उमा भारती लगभग ऐसे ही हालात में मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं थी जैसे हालात में नरेंद्र मोदी पिछले साल भारत के प्रधानमंत्री पद पर पहुँचे.<p>उमा भारती हिंदुत्व की विचारधारा की सबसे मुखर प्रवक्ता थीं लेकिन चुनावी अभियान उन्होंने विकास के वादे पर चलाया और बड़ी चुनावी जीत हासिल …

'सलाखों' में आंबेडकर की मूर्तियां

वो हिंदुस्तान के बड़े नेताओं में से एक थे. दुनिया के संभवतः सबसे बड़े संविधान के शिल्पी, क़ानून के बड़े विद्वान, एक आध्यत्मिक नेता, एक योजनाकार और सबसे अहम, उन दलितों के निर्विवादित नेता, जिनकी जगह भारत की कड़वी जातीय व्यवस्था में सबसे निचले पायदान पर है.<p>महात्मा गांधी के बाद भीमराव रामजी आंबेडकर …

नोटों के नंबर में छुपी होती है बर्थ-डेट, ऐसे नोट बना सकते हैं आपको धनवान

<b>क्या है इनकी खासियत</b><p>स्पेशल सीरीज वाले नोट बहुत कम लोगों के पास होते हैं। इनमें ही ऐसे भी नोट होते हैं जिनमें डेट ऑफ बर्थ लिखी होती है। जरूरी नहीं ये …

'पहले ऐतिहासिक रिकॉर्ड ठीक होना चाहिए'

जो काम भारत में अब शुरू हुआ है वो काम हमारे पाकिस्तान में बहुत पहले से चल रहा है.<p>इसलिए इतिहास बदलने के नेक काम में अगर टेक्निकल सहायता की ज़रूरत हो तो पाकिस्तान से फ़ौरन विशेषज्ञों की एक टीम दिल्ली भेजी जा सकती है.<p>ताकि मोदी सरकार के साथ अगर हिस्टौरीकल नहीं तो हिस्टेरिकल संबंधों की नींव ही पड़ …

अपने अनुभवों को शब्द देती भारतीय महिलाएं

जब किसी ने यह तय किया कि औरतों को शब्दों से दूर रखा जाए, जब ये रिवाज हुआ कि औरत बाहर न निकले, घर और घर वालों में उलझी रहे सारी उम्र, तब उस पर क्या-क्या बीती?<p>इसका जवाब मिलना मुश्किल होता अगर औरतों ने अपने सत्य से अपना साहित्य न रचा होता. दो हज़ार साल पहले भी स्त्रियों ने बंधन तोड़े. अपने अनुभवों को …

1965 युद्ध के पचास साल: वो 22 दिन

1965 के भारत पाकिस्तान युद्ध को भारतीय इतिहास में मात्र हाशिए की जगह मिलती है. लोगों की यादों में भी उस युद्ध की वो जगह नहीं है जो शायद 1962 के भारत चीन युद्ध या 1971 के बांगलादेश युद्ध की है.<p>कारण शायद ये है कि इस लड़ाई से न तो हार की शर्मसारी जुड़ी है और न ही निर्णायक जीत का उन्माद.<p>घटना के पचास …

कम्प्यूटर की स्पीड बढ़ाने के लिए अपनाएं ये आसान Tips, नहीं आएगी दिक्कत

पीसी के स्लो होने पर काम में परेशानी आना लाजमी है। माइक्रोसॉफ्ट वर्ड में डॉक्युमेंट्स डिजाइन करने हों या फिर इंटरनेट का इस्तेमाल करना होगा, अगर …

मानहानि गलती है, जुर्म नहीं

दुनिया भर में मानहानि को कानूनन अपराध के दायरे से बाहर करने की मुहिम भारत भी पहुंच गई है. सरकार ही नहीं अदालत भी मानहानि को जुर्म के बजाय महज एक भूल …

‍हिन्दी पत्रकारिता : मिशन से व्यवसाय तक...

<b>हिन्दी पत्रकारिता दिवस पर विशेष</b><p>वह 30 मई का ही दिन था, जब देश का पहला हिन्दी अखबार 'उदंत मार्तण्ड' प्रकाशित हुआ। इसी दिन को हिन्दी पत्रकारिता दिवस के …

मृत्युदंड में भी गरिमा रहे बरकरार | DW | 28.05.2015

भारत के सर्वोच्च न्यायालय के जस्टिस एके सिकरी और यूयू ललित की पीठ ने 15 मई को एक महिला शबनम और पुरुष सलीम को सुनाई गई फांसी की सजा के फैसले पर स्टे …

भारतीयों की खुशी को लगा भोगवाद का ग्रहण

<b>हम भारतीयों का जीवन दर्शन रहा है- 'संतोषी सदा सुखी।' हालात के मुताबिक खुद को ढाल लेने और अभाव में भी खुश रहने वाले समाज के तौर पर हमारी विश्वव्यापी</b> …

बीबीसीहिंदी@75

<b>पचहत्तर साल पहले खरखराते और भारी-भरकम रेडियो सेट पर आज ही के दिन बीबीसी हिंदुस्तानी का प्रसारण शुरू हुआ था.</b><p>आपमें से ज़्यादातर लोग इस लेख को मोबाइल पर पढ़ रहे होंगे. बहुत-सी दुनिया बदली इस बीच, बीबीसी और आप भी बदले.<p>लेकिन विश्वसनीयता वह बारीक़ और मज़बूत डोर है जिसने इस पूरे सफ़र में हमें और आपको …

वो 30 मिनट, जब सिक्किम बना भारत का अंग

<b>छह अप्रैल, 1975 की सुबह सिक्किम के चोग्याल को अपने राजमहल के गेट के बाहर भारतीय सैनिकों के ट्रकों की आवाज़ सुनाई दी.</b><p>वह दौड़ कर खिड़की के पास पहुंचे. उनके राजमहल को चारों तरफ़ से भारतीय सैनिकों ने घेर रखा था.<p>तभी मशीनगन चलने की आवाज़ गूंजी और राजमहल के गेट पर तैनात बसंत कुमार चेत्री, गोली खा कर नीचे …

दुनिया का सबसे महंगा मेटल, सिर्फ 1 ग्राम की कीमत 393 लाख करोड़ रु.

<b>क्या है ‘एंटीमैटर’</b><p>वैज्ञानिकों का कहना है कि एंटीमैटर दरअसल एक पदार्थ के ही समान है, लेकिन उसके एटम के भीतर की हर चीज उलटी है। एटम में सामान्य तौर पर …

'मेक इन इंडिया' या इंडिया का मेक-अप

<b>अतीत की डाल पर बैठी 'सोने की चिड़िया' को भविष्य का 'दहाड़ता शेर' बनाने की कोशिशों में सबसे बड़ी है 'मेक इन इंडिया' मुहिम.</b><p>'मेक इन इंडिया' का शेर 'अंधों का हाथी' न बन जाए कि उसका ओर-छोर ही समझ में न आए, ऐसा 'डिजिटल इंडिया' में क़तई नहीं होना चाहिए.<p>सरकारी प्रचार अभियान के घटाटोप से आगे जाकर, निष्पक्ष …